सोमवार, 1 फ़रवरी 2016

लिखने वाले

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लिखने वाले कमाल .. लिखते है 



लिखने वाले कमाल ....लिखते है ।
अपने दिल का उबाल.......लिखते है ।।

मेरे महबूब की ...मासूमियत है ।
दिन तो गुजर गया ...साल लिखते है ।।

सियासी हरकते है ...पागलो सी ।
जबाब मांगों ...सवाल लिखते है ।।

उनकी इबादत .. सलाम के लायक है ।
अम्ल करके ... अमाल लिखते है ।।

ये वतन को जल कर रख देंगे ।
तील भी होता है ...ताड लिखते है ।।

भूखे पेट की गजल है ये ।
 रोटी -सब्जी दाल लिखते है ।।
रोचक

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