शुक्रवार, 22 जनवरी 2016

जिंदगी बहूत छोटी है

Edit Posted by with No comments

जिंदगी बहुत छोटी है




जिंदगी बहुत छोटी है ,
इसे यो न गवाइए ,
एक एक पल ख़ुशीयो का चुन कर,
खुशियों से नहाइये ,
गम तो आता ही है ,
प्यार से इसे बहाइये ,
यह सुंदर रीती है ,
प्रीत से इसे निभाइये ।
जिंदगी तो प्यार का गीत है ,
दिलखोल कर गाइए ,
कब तक बचियेगा सच्चाई से ,
सच्चाई तो संघर्ष है ,
उसे शौक से गले लगाइये ,
मिले जैसे भी रुत ,
उसमे घुल मिल जाइए ,
जिंदगी तो अवसर है ,
हंसकर इसे निभाइये ।।


मेरी प्रियेसी

Edit Posted by with No comments

                          मेरी प्रियेसी





तुम्हारी कल्पना से परे सौंदर्य साम्राज्ञी है वह , बिन काजल के मृगनयनी के समान काले नयन ,घनेरी पलके झुके तो दिल को चयन नही , उठे तो कयामत आजाए , कमान सी भौवें और तेवर ऐसे वल्लाह ! रूपगर्विता की नाक की धार के सामने चमचमाती तलवार व्यर्थ ,और अधर ऐसे -हाय " शहद भरे अधर सन्तरे की फांक , जरा जुंबिश हो तो लगे रस टपक गया , सुराही दार गर्दन , लंबी घनेरी जुल्फे , खुल जाय तो घटा छा जाय .....