रविवार, 31 जनवरी 2016

यहां आते है मंत्री भी संतरी भी

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यहां आते है मंत्री भी , संतरी भी , 

इज्जतदार भी , रंगदार भी ,


आइये बाबू आई स्वागत है बेतिया के इस लाल बत्ती इलाके में ,
चुनिए इनमे से बेहिचक किसी को कर्ज में डूबा बाप बेच गया
 किसी को पति तो किसी को प्रेमी तो किसी को चाचा
 सबकी सब माल एकदम चोखा है बाबू भूख ,
 दंगा , बलत्कार यहा हर चीज की शिकार लडकिया
 मिल जायेगी सीतामढ़ी से सीवान तक
बंगाल से लकर नेपाल तक , कहि का भी माल चुन सकते है दाम की चिंता मत कीजिये
कम बेसी तो हो ही जाएगा ।
 और फिर तो आप हमारे नए ग्राहक है
अरे ना ना शर्माइये नही
 यहा दस बर्ष के लौंडे से लेकर अस्सी बर्ष के बूढ़े तक आते है
आप नाहक डर रहे है यहां संतरी से लेकर मंत्री तक आते है
 आइये आपको आपके लायक एकदम टकाटक माल दिखाता हूँ
 ये देखिये हफ्ते भर पहले आई है बेच गया नौकरी का झांसा देकर कोई साला
 यह देख रहे हो न तीन गुना पांच के धुप कोठरी
इसे टार्चर चेम्बर कहते है उसे इसी टार्चर चेम्बर में रखा जाता है
 भूखे प्यासे तीन चार दिन कभी कभी तो पांच चार एक साथ
 ये उठ साहब को सलाम कर
 और ये देखिये कमसिन कम उम्र इसकी तो माहवारी भी अभी नही फूटी
 क्या कीजियेगा बाबू देह का धंधा ही ऐसा है
 एकदम मरियल सी आई थी
 पर एक महीने में ही दनदना के जवान हो गई है साली
 वैसे अब इस धंधे को भी काम का दर्जा दीये जाने का हल्ला है
 अरे बाप रे बाप बहुत देर हो गई
 जाइए जल्दी से निपटाइये
और ग्राहक है और हाँ पुलिसिया वर्दी देखकर एकदम डरियेगा मत
 कमबख्त हफ्ता वसूलने के साथ साले ये भी छोटी गंगा में डुबकी लगाकर जाते है
 लौटते वक्त घड़बडाइयेगा नही
 यहां संतरी से लेकर मंत्री तक आते है इज्जतदार से लेकर रंगदार तक आते है ।

अब किसको किसको मापोगे

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अब किसको -किसको मापेगें


अब किसको किसको मापेगें  ।

 तोड़ चुके पैमाने लोग ।।

 

नाका बिल पैताने के भी  ।

 बैठे है सिरहाने लोग ।। 

पहने फूलो की माला

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जागो अब जागो 

पहने फूलो का माला ,

बनता जन का रखवाला ,

 निर्धन का छीननेवाला ,

 करता नित दिन घोटाला,

 बोलता गांधी का भाषा ,

सब बढ़े यही अभिलाषा ,

 जन्मे तो घोर निराशा ,

निर्धन नीच हो जाता ,

 दो जून नही खा पाता ,

बस ये ही है उन्हें भाता ,

चुने देख भाग्य विधाता,

 निचे धरती ऊपर नेता,

 पंक्षी करते कलरव,

 करते धोखा ये नेता,

 आ गया वक्त ,

अब जागो अब जागो अब।।