गुरुवार, 21 जुलाई 2016

घाटी में फिर शोर मचा है शोर मचा है गद्दारो का

Edit Posted by with No comments

घाटी में फिर शोर मचा है शोर मचा है गद्दारो का



घाटी में फिर शोर मचा है शोर मचा है गद्दारो का ,
मौसम बना हुआ है देखो आतंकी त्योहारो का ,
मौत हुई है आतंकी की लाखो चेहरे रोये है ,
हम तो केवल दाल - टमाटर के भावो में खोये है ,
आतंकी का एक जनाजा मानो कोई जलसा हो ,
लाखो लोग उमड़ पड़े है जैसे कोई फरिस्ता हो ,
सेना पर पथराव किया है अफजल के दमादो ने ,
फिर से थाने फूंक दिए है धरती के जल्लादो ने ,
सीधा मतलब साथ निभाने वाले भी आतंकी है ,
इन सब की वजह से पूरी घाटी आतंकित है ,
दूध पिलाना अब बन्द करो आस्तीन के साँपो को ,
चौराहे पे अब गोली मारो is का झंडा फहराने वालो को ,
सौ - सौ बार नमन् है सेना डटी रही है घाटी में ,
आतंकी को मिला रही है काट - काट के माटी में ,
सेना को अब आतंकों के छाती पर अब चढ़ जाने दो ,
साथ निभाने वालो पर अब गोली बरसाने दो ,
एक बार अब श्वेत बर्फ पर लहू का रंग चढ़ जाने दो ,
लाश बिछा दो अब गद्दारो की सेना को अब बढ़ जाने दो ,
एक परीक्षण नए बमो का गद्दारो पर कर डालो ,
दहशतगर्दो के सीने में तुम भी दहशत भर डालो ,
भूलो गिनती गद्दारो की लाश बिछाना शुरू करो ,
बन्देमातरम् भारत माँ की जय की तराना शुरू करो ,
देश प्रेमी की सैनिको की पूरी मन्नत कर डालो ,
नरक भेज कर गद्दारो को भूमि जन्नत कर डालो ।।